जगदीश्वर पाेखरेल
वि.सं.२०८१ साउन १६ बुधवार
जगदीश्वर पाेखरेल : ध्वस्तै बनाए वन फाँट लेक चुरे सके छन् दिनरात शोक बनेर साँढे अब
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