टङ्कबहादुर आलेअगुवा नै भएपछि भ्रष्ट
न भोट भ्रष्ट न नोट भ्रष्ट न नाता आफन्त भ्रष्ट हात न जात देशै भ्रष्ट अगुवा नै भएपछि भ्रष्ट । जाग सरकार जाग जनता मेट्न भ्रष्ट भ्रष्ट मरेँ मरेँ भन्दै जेलमा चिच्याओस् भ्रष्ट भ्रष्ट ।

जुम्रा भ्रष्ट लिखा भ्रष्ट टाउको झनै भ्रष्ट
आँखा भ्रष्ट दाँत भ्रष्ट गिदी त झनै भ्रष्ट ।
भ्रष्ट भ्रष्ट भ्रष्ट भ्रष्ट भ्रष्ट भ्रष्ट भ्रष्ट भ्रष्ट
भ्रष्टाचारी मस्त जनतालाई कष्टै कष्ट ।
कुर्सी भ्रष्ट टेबल भ्रष्ट कलम उस्तै भ्रष्ट
पद भ्रष्ट शपथ भ्रष्ट अठोट झनै भ्रष्ट ।
झोले भ्रष्ट टोले भ्रष्ट खोलेमै भो भ्रष्ट
भाषण भ्रष्ट आशन भ्रष्ट कासन झनै भ्रष्ट ।
यता भ्रष्ट उता भ्रष्ट जताततै चर्चा भ्रष्ट
युरिया भ्रष्ट सुन भ्रष्ट खेतबारीमै भ्रष्ट ।
लौडा भ्रष्ट मोबाइल भ्रष्ट कोरोनामै भ्रष्ट
सुन्छु गीत भ्रष्ट कविता भ्रष्ट क्यान्टोमेन भ्रष्ट ।
न भोट भ्रष्ट न नोट भ्रष्ट न नाता आफन्त भ्रष्ट
हात न जात देशै भ्रष्ट अगुवा नै भएपछि भ्रष्ट ।
जाग सरकार जाग जनता मेट्न भ्रष्ट भ्रष्ट
मरेँ मरेँ भन्दै जेलमा चिच्याओस् भ्रष्ट भ्रष्ट ।
०००
त्रियुगा नगरपालिका -११, संगमटोल
उदयपुर
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