सुभाषचन्द्र देवकाेटानेता माहात्म्य
उत्तरतिर- म दक्षिणतिर- म घाम- म जुन- म जतासुकै- म जे सुकै- म जस्तोसुकै- म यस्तो सर्वव्यापी म को विरोध गर्ने को म ?

सुभाषचन्द्र देवकोटा :
अदालत- म
न्याय- म
निर्वाचन आयोग- म
सरकार- म
मन्त्री- म
प्रशासन- म
सिलन्यास- म
उद्धघाटन- म
ठेकदार- म
अभिकर्ता- म
मूल्याङ्कनकर्ता – म
अख्तियार- म
लोकतन्त्र- म
संविधान- म
कानून- म
पार्टी- म
नेता- म
उत्तरतिर- म
दक्षिणतिर- म
घाम- म
जुन- म
जतासुकै- म
जे सुकै- म
जस्तोसुकै- म
यस्तो सर्वव्यापी म को
विरोध गर्ने को म ?
०००
गाेरखा
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